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World (20)

नई दिल्ली। प्रतिष्ठि‍त Miss World 2018 प्रतियोगिता का ताज इस बार मेक्सिको की वनेसा पॉन्स डि लियोन ने जीत लिया है। चीन के सान्या शहर में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में मेक्सिको की वनेसा पॉन्स डि लियोन ने मिस वर्ल्ड 2018 का ख‍िताब जीता। लियोन ने 118 खूबसूरत प्रतियोगितयों को पछाड़कर ये ताज जीता है। पूर्व विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर ने उन्हें मिस वर्ल्ड का ताज पहनाया।मेक्सिको की सुंदरी ने जीता मिस वर्ल्ड का खिताब जहां वनेसा विश्व सुंदरी बनी तो वहीं फर्स्ट रनर अप मिस थाईलैंड निकोलीन लिम्सनुकान रहीं। मिस वर्ल्ड के फिनाले के टॉप 5 कंटेस्टेंट में मिस वर्ल्ड यूरोप- मारिया वेसिलविच (बेलारूस), मिस वर्ल्ड कैरेबियन केडिजाह रोबिन्सन (जमैका), मिस वर्ल्ड अफ्रीका क्विन अबेंक्यो (युगांडा)और मिस वर्ल्ड एशिया- निकोलेना पिचापा लिमस्नूकान (थाईलैंड) पहुंची। भारत की अनुकृति वास फिनाले में टॉप 12 से बाहर हो गई।वनेसा पहली मैक्स‍िकन हैं, जिन्होंने जीता खिताब आपको बता दें कि मिस वर्ल्ड 2018 का खिताब जीतने वाली वनेसा पॉन्स डि लियोन का 7 मार्च 1992 को हुआ है। वो एक फुल टाइम मॉडल हैं। खास बात ये कि वनेसा पहली मैक्स‍िकन हैं, जिन्होंने विश्व सुंदरी का खिताब जीता है। वो परोपकार के कामों में भी आगे हैं। वो नेनेमी नाम के स्कूल को मदद करती हैं। ये स्कूल जनजातिये बच्चों को शिक्ष‍ित करने का काम करता है। वनेसा ने इससे पहले मिस मेक्सिको का खिताब जीता। उन्हें 5 मई 2018 को मिस मैक्स‍िको चुना गया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ गुवानाजु आटो से इंटरनेशनल कॉमर्स में डिग्री ली है।टॉप 12 में जगह नहीं बना पाई अनुकृति मिस वर्ल्ड 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं अनुकृति वास टॉप 30 में पहुंची, लेकिन टॉप 12 में वो जगह नहीं बना पाई। तमिलनाडु की रहने वाली अनुकृति एक बेहतरीन डांसर है। वहीं वो स्टेट लेवल की एक एथलीट भी हैं। आपतो बता दें कि साल 2017 में मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का ताज जीतकर 17 साल का इंतजार खत्म किया था।

आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान को इसका समर्थन करना चाहिए.

मैटिस ने कहा कि अगर पड़ोसी देश अफगानिस्तान में युद्ध खत्म करना है, तो पाकिस्तान को तालिबान के साथ शांति वार्ता में एक अहम भूमिका निभानी होगी. अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने की प्रक्रिया में मदद के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को लिखे पत्र के सवाल पर मैटिस ने ये जवाब दिया.

पत्र में ट्रंप ने ये साफ कर दिया था कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान का पूर्ण समर्थन एक स्थायी अमेरिकी-पाकिस्तान साझेदारी के निर्माण का 'आधार' होगा. पेंटागन में सोमवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, 'हम उपमहाद्वीप में शांति और अफगानिस्तान (जहां 40 वर्ष से युद्ध जारी है) में युद्ध खत्म करने का समर्थन करने के लिए हर जिम्मेदार राष्ट्र से उम्मीद करते हैं.'

मैटिस ने कहा, 'अब समय आ गया है कि सब संयुक्त राष्ट्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और शांति स्थापित करने और दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिश करने वाले हर एक का समर्थन करें.' उन्होंने कहा, 'हम उसी रास्ते पर हैं. राजनयिक रूप से इसका नेतृत्व किया जा रहा है, जैसा कि होना चाहिए और हम अफगान के लोगों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.'

नई दिल्ली(30 जनवरी):अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार की गई लिस्ट में चीन ने भारत को भी जगह दी है। दरअसल, चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए 6 अहम मुद्दों की सूची तैयार की है।

 

इस सूची में अमेरिका की भारत को हथियारों की बिक्री, चीन-भारत सीमा मुद्दा और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा भी शामिल है।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार माइकल पिल्सबरी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि   ट्रंप के शासन के दौरान अमेरिका-चीन के रिश्ते पर भारत की भी नजरें रहेंगी।

 

चीनी मामलों के विशेषज्ञ पिल्सबरी ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के 6 अहम मुद्दों की सूची हमें वरिष्ठ चीनी अधिकारियों द्वारा बताई गई है।

 

उन्होंने कहा, 'चीन ने कभी भी खुले तौर पर अमेरिका से भारत द्वारा हथियारों की खरीद का विरोध नहीं किया है। लेकिन अब चीन इस मुद्दे को उठाने की बात कर रहा है और यह अहम बात है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का मुद्दा

 

भी चीनी सूची में शामिल है।'पिल्सबरी ने बताया कि चीनी सूची में 'वन चाइना पॉलिसी' और ताइवान भी शामिल है। तिब्बत के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा से अमेरिकी प्रशासन को नहीं मिलने की नसीहत दी गई है।

 

चीन ने दक्षिण कोरिया में अमेरिका द्वारा THAAD (टर्मिनल हाई ऐल्टिट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल और रेडार सिस्टम तैनात करने की सहमति पर भी चिंता जताई है।

 

उन्होंने कहा कि दरअसल, चीन यह कभी नहीं चाहेगा कि अमेरिका उसकी इंटरकांटिनेंटल बलिस्टिक मिसाइल (ICBM) क्षमता को खत्म करने के लिए कदम उठाए। चीन के ये मिसाइल अमेरिका तक मार करने की क्षमता रखते हैं।

नई दिल्ली ( 27 जनवरी ): पाकिस्तान का बिना लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने उस पर जमकर हमला बोला। अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद प्रायोजित करने के लिए धर्म के इस्तेमाल के कुछ देशों के प्रयासों की निंदा की और इस समस्या से निपटने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का संकल्प लिया है।

 

गुरुवार को भारत-यूएई के साझा बयान में बताया गया कि दोनों पक्षों ने घृणा फैलाने और आतंकवादी मंसूबों को अंजाम देने के लिए समूहों और देशों द्वारा चरमपंथ और धर्म का दुरुपयोग करने से निपटने के प्रयासों का समन्वय तरीके से मुकाबला करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबु धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने बुधवार को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक वार्ता की थी।

 

इसके बाद दोनों देशों ने एक व्यापक रणनीतिक भागीदारी समझौते और रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। आतंकवाद निरोध, सूचना साझा करने और क्षमता निर्माण में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष जताते हुए दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि ये प्रयास क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान देंगे।

 

भारतीय पक्ष ने जनवरी 2016 में पठानकोट में वायु सेना के ठिकाने और सितंबर 2016 में उड़ी में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले के बाद यूएई द्वारा दिखाई गई एकजुटता की काफी सराहना की। वक्तव्य में कहा गया कि मोदी और अल नाहयान ने काबुल और कंधार में 10 जनवरी को हुए आतंकवादी हमलों की जोरदार निंदा की और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

 मोदी ने इन हमलों में यूएई और अफगानिस्तान के नागरिकों की हुई मौत पर अपनी तरफ से शोक प्रकट किया और हमलों में घायल यूएई के राजनयिकों के जल्द ठीक होने की कामना की। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रासंगिक सिद्धांतों और उद्देश्यों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्कों, उनके वित्तपोषण और गतिविधियों को बाधित करने के प्रयासों के महत्व पर गौर किया।

 

 

नई दिल्ली (24 जनवरी): बीते साल दीपावली पर चीनी पटाखों और अन्य उत्पादों के बहिष्कार के बाद चीन ने भारत में व्यापार और व्यवसाय की रणनीति में बदलाव किया है। चीन अब ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही उत्पादन और निर्माण शुरू करेगा। यहां विभिन्न तरह के प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश को प्रमुखता दी गई है। चीन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 50,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। इसके लिए दुबई की बैंकिंग कंपनी इलीसियम कैपिटल पार्टनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले समय में कानपुर और बनारस के लिए कुछ प्रोजेक्टों की घोषणा हो सकती है।

 

भारत में स्मार्ट सिटी, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं व्यापक पैमाने पर शुरू होने वाली हैं। इनमें निवेश की भारी गुंजाइश है। चीन यहां टेक्नोलॉजी, मीडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निवेश करना चाहता है। इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट एडवाइज उपमन्यु मिश्रा, इलीसियम के चेयरमैन रिक पुडनर व चीन सरकार के अधिकारी बीते चार माह में केंद्र और राज्य सरकार के एक दर्जन से अधिक विभागों के मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं। हर स्तर की मीटिंग सकारात्मक रही है।

 

बीते रोज लखनऊ में राज्य सरकार के एक मंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की मीटिंग हुई। माना जा रहा है अप्रैल तक प्रदेश में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा हो सकती है। चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का यह पहला आधिकारिक मौका है।

 

 

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) राहील शरीफ ने आज कहा कि कश्मीर विभाजन का एक ‘अपूर्ण एजेंडा’ है और लंबे समय से चले आ रहे इस मुद्दे का हल होने पर ही क्षेत्र में स्थिति सामान्य होगी।

 

राहील ने विश्व आर्थिक मंच से इतर यहां ‘पाकिस्तान ब्रेकफास्ट’ सत्र में कहा, ‘पाकिस्तान को शांति की जरूरत है लेकिन कश्मीर मूल मुद्दा है जिसका हल पहले करना होगा।’ यह पूछे जाने पर कि क्या कश्मीर विवाद के हल के बिना दक्षिण एशिया में शांति एवं आर्थिक समृद्धि हासिल की जा सकती है, उन्होंने कहा, ‘‘आगे कैसे बढ़ा जाए, यह स्पष्ट करने के लिए तीन शब्द हैं और वे हैं कश्मीर, कश्मीर एवं कश्मीर।’

 

 

 

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार राहील ने कश्मीर को 1947 के विभाजन का ‘अपूर्ण एजेंडा’ बताते हुए कहा कि लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर मुद्दे का हल होने पर ही क्षेत्र में स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने जोर दिया कि मुद्दे का हल कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं एवं दक्षिण एशिया में स्थायी शांति हासिल करने से संबंधित संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप ही हो सकता है। राहील ने एक दूसरे सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तानी में हक्कानी नेटवर्क की मौजूदगी को लेकर बस फिकरेबाजी हो रही हैं।

 

 

 

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में और पनाहगाह नहीं हैं और इन आतंकी नेटवर्क एवं उनके प्रशिक्षण शिविरों का पाकिस्तान से खात्मा कर दिया गया है।’ पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ शांति के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है लेकिन ‘अफगानिस्तान में आतंकियों के कई ठिकाने हैं और हमने कई बार (अफगानिस्तान सरकार के साथ) उनकी जगहों की जानकारी साझा की है।

नई दिल्ली ( 18 जनवरी ): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक विवादित बयान की वजह से चर्चा में हैं। पुतिन ने मीडिया के सामने यह कहा कि रूस की वैश्याएं दुनिया में सबसे बेहतर होती हैं। पुतिन ने यह बातें एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सेक्स टेप वाले विवाद पर कही। साथ ही उन्होंने ट्रंप पर लगे आरोपों को भी निराधार बताया।

 

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'ट्रंप समझदार शख्स हैं। वह ऐसे व्यक्ति हैं जो कई सालों तक ब्यूटी कॉन्टेस्ट से जुड़े रहे हैं और दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं से मिल चुके हैं। मेरे लिए यह मानना मुश्किल है कि वह किसी होटेल में जाकर वैश्याओं से मिले, हालांकि रूस की वैश्याएं दुनिया में सबसे बेहतरीन हैं।'

 

 

 

पुतिन ने कहा है कि वह नहीं मानते रूस के पास ट्रंप का सेक्स टेप है। उन्होंने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि ट्रंप रूस में सेक्स वर्कर्स से मिले। उन्होंने इस आरोप को चुनावी नतीजों पर से लोगों का विश्वास कम करने वाला कैंपेन करार दिया। पुतिन ने रिपोर्टर्स से कहा, 'ट्रंप पर जो आरोप लगे हैं वह मनगढ़ंत हैं। जो अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के खिलाफ इस तरह की खबरें फैला रहे हैं और उसका इस्तेमाल राजनीतिक युद्ध के लिए कर रहे हैं, वे वैश्याओं से भी बदतर हैं। उनके अंदर नैतिकता नहीं है।'

 

 

 

व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'जब ट्रंप ने मॉस्को का दौरा किया था तब वह नेता नहीं थे और रूस के अधिकारियों को भी यह नहीं पता था कि ट्रंप की आगे कोई राजनीतिक मंशा भी है। यह मान लेना बेतुका है कि रूस की सिक्योरिटी सर्विसेज हर अमेरिकी अरबपति का पीछा करती हैं।'

 

 

 

बता दें कि रूस ने ट्रंप के सेक्स टेप सहित किसी भी तरह की निजी जानकारी के बदले डोनल्ड ट्रंप को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने के आरोपों से इनकार किया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने यह दावा किया था कि रूस के पास ट्रंप का सेक्स टेप है जिसमें वह मॉस्को के एक होटेल के बेड पर वैश्याओं को सेक्स ऐक्ट करते देख रहे हैं।

 

नई दिल्ली(16 जनवरी):ब्राजील की जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में 26 लोगों की मौत हो गई। दोनों ही गुट ड्रग गैंग से ताल्लुक रखते थे।

 

 

 

- बता दें कि 15 दिनों में ब्राजील में मारपीट की 5 बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें करीब 100 कैदियों की मौत हो चुकी है।

 

 

 

- सरकार के प्रवक्ता जुलिस्का अजेवडो ने बताया कि रियो ग्रेंदे दो नोर्ते राज्य की एल्काकज जेल में शनिवार शाम कैदियों के दो गुटों के बीच हाथापाई हुई।

 

 

 

- रात को इस मामले ने और तूल पकड़ लिया। पब्लिक सेफ्टी मैनेजर कैयो बेजेरा ने रविवार को बताया कि इस मारपीट में 26 कैदियों की मौत हो गई। कुछ के सिर काट दिए गए।

 

 

 

- कैदियों की बॉडी और बॉडी पार्ट्स देखकर पहले करीब 30 मौतों का अनुमान लगाया गया था।

 

 

 

- रात को कुछ पुलिस वालों ने जेल में जाने की कोशिश की तो कैदियों ने उन पर भी हमला बोल दिया।

 

 

 

- घटना के करीब 14 घंटे बाद सुबह सिक्युरिटी फोर्स जेल में दाखिल हो सकी तब हालात काबू हुए।

 

 

 

- ब्राजील की जेलों में कैपेसिटी से बहुत ज्यादा कैदी हैं।

 

 

 

- एल्काकज जेल को 620 कैदियों को रखने के हिसाब से बनाया गया था, लेकिन यहां 1083 कैदी रखे गए थे।

 

 

 

- जेल ऑफिसर्स के मुताबिक ड्रग गैंग से जुड़े कैदियों के दो गुटों में मारपीट हुई है। ये अलग-अलग जेलों से यहां आए थे।

 

 

नई दिल्ली (14 जनवरी): पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने आतंकवाद निरोधी अदालत में एक अर्जी दायर कर फूलप्रूफ सुरक्षा देने का आग्रह किया है। वतन लौटने के बाद से उन्हें कई धमकियां मिल रही हैं और इसके लिए उन्होंने नजरबंदी मामले में न्यायाधीशों के समक्ष पेशी के दौरान भी फूलप्रूफ सुरक्षा देने का आग्रह किया है।

 

रिटायर्ड जनरल के वकील ने इस्लामाबाद की एक अदालत में अर्जी दायर की और 73 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया।

 

मुर्शरफ के वकील ने अदालत को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति को काफी धमकियां मिल रही हैं।

 

नई दिल्ली(13 जनवरी): भारत को लेकर चीन थोड़ा बदला-बदला सा नजर आने लगा है। एशिया-पसिफिक सिक्यॉरिटी पर चीन के पॉलिसी डॉक्युमेंट में कहा गया है कि भारत के साथ उसके संबंध 'मजबूत' हुए हैं।

 

 

 

- बुधवार को जारी इस वाइट पेपर में कहा गया है कि चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर और वियतनाम के साथ भारत के संबंध मजबूत होने को लेकर मतभेद के बीच चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति हुई है।

 

 

 

- चीन ने पाकिस्तान का जिक्र किए बिना आतंकवाद से लड़ने के बारे में इस डॉक्युमेंट में कहा है, 'चीन का मानना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले स्थानों को समाप्त करने के लिए विभिन्न देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया बढ़नी चाहिए और इस समस्या का समाधान राजनीतिक, आर्थिक और राजनयिक जरियों के साथ होना चाहिए।

 

 

इसके साथ ही, आतंकवाद से लड़ने के लिए दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। आतंकवाद को किसी विशेष देश, नस्ल या धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए।'

 

 

 

- डॉक्युमेंट के अनुसार, '2015 से शांति और समृद्धि के लिए चीन और भारत के बीच रणनीतिक भागीदारी और सहयोग और मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने डिवेलपमेंट के लिए भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है और वे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं।'

 

 

 

- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली केक्विआंग के साथ कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग्स का जिक्र करते हुए डॉक्युमेंट में बताया गया है, 'दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर संपर्क और समन्वय बरकरार रखा है और संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी20 में आपसी सहयोग बढ़ाया है।

 

क्लाइमेट चेंज, डब्ल्यूटीओ की दोहा राउंड की बातचीत, एनर्जी और फूड सिक्यॉरिटी, इंटरनेशनल फाइनेंशियल और मॉनेटरी इंस्टीट्यूशंस के रिफॉर्म जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग किया है। इससे चीन, भारत और अन्य विकासशील देशों के साझा हितों की सुरक्षा करने में मदद मिली है।'

 

 

 

- डॉक्युमेंट में दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों में भी सुधार होने की बात कही गई है। इसमें बताया गया है, 'चीन और भारत की सेनाओं के बीच संबंध मजबूत और स्थिर रहे हैं।'

 

 

 

- चीन ने इस डॉक्युमेंट में अमेरिका, रूस, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों की भी जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि एशिया-पैसिफिक में सुरक्षा की स्थिति स्थिर है।

 

 

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