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Bihar (2)

बिहार के मंत्री के घर में हुई शराब की दावत.

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जहानाबाद। क्या शराबबंदी को लेकर नीतीश की सारी कोशिशें धराशाही हो गई है। क्या नीत ...

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Madhay Pradesh (28)

रीबा: त्योथर के जाने माने कांग्रेसी नेता कौशलेश द्विवेदी म.प्र.कांग्रेस कमेटी के सचिव बने.समर्थको मे उत्साह

रीबा: त्योथर के जाने माने कांग्रेसी नेता कौशलेश द्विवेदी म.प्र.कांग्रेस कमेटी के सचिव बने.समर्थको मे उत्साह

(त्योंथर,रीबा) आखिरकार राहुल गांधी के त्योंथर आगवन के बाद बिंध्य छेत्र के सफेद श ...

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Other State (1)

दिल्ली से कोलकाता तक टीएमसी का प्रोटेस्ट

दिल्ली से कोलकाता तक टीएमसी का प्रोटेस्ट

नई दिल्ली : नोटबंदी पर केंद्र सरकार को घेरने में जुटी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्र ...

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भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावी बिगुल बजते ही सड़क, चौराहों और गांव की गलियों में नेताओं की भीड़ बढ़ने लगी है, जबकि चाय की दुकानों, चौक-चौपालों पर नये-नये समीकरण रोजाना गढ़े जा रहे हैं. वहीं, मतदाता भी पशोपेश में हैं और दिन में बार-बार अपना मन बनाते हैं और अगले ही पल बदल लेते हैं क्योंकि अभी तक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं.


ऐसे ही कुछ हालात सियासी दलों के भी हैं, वो तय नहीं कर पा रहीं कि किसे टिकट दें और किसका टिकट काटें. इसी उधेड़बुन को सुलझाने में जुटी कांग्रेस सपा-बसपा को साधने में भी नाकाम रही और महागठबंधन की गांठ पड़ने से पहले ही खुल गयी. इसके बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को भी कांग्रेस अपने साथ नहीं जोड़ पायी. कांग्रेस इन तीनों को साध लेती तो बीजेपी के विजयरथ पर ब्रेक लगने की संभावना बढ़ जाती.

कांग्रेस पहले से ही महागठबंधन के पक्ष में थी. बसपा प्रमुख मायावती ने भी साफ कर दिया था कि वह गठबंधन के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्त है कि उन्हें सीटों की साझेदारी में सम्मानजनक स्थान मिल सके. हालांकि, बाद में बसपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इसके बाद भी कांग्रेस कोशिश में लगी रही कि गठबंधन हो जाये, लेकिन ये संभव नहीं हो सका. इसके बाद सपा के साथ तालमेल बैठाने में जुटी कांग्रेस को अखिलेश यादव के हाथों भी गच्चा खाना पड़ा.

कांग्रेस इन दलों से गठबंधन इसलिए भी करना चाहती थी क्योंकि पिछले दो चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि यदि कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को साध लेती तो बीजेपी की राह मुश्किल हो सकती थी. 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 36.04 फीसदी वोट मिले थे, जबकि बसपा को 8.72 फीसदी, सपा को 1.89 फीसदी और गोंगपा को 1.80 फीसदी वोट मिले थे, जो कुल मिलाकर बीजेपी के 36.81 फीसदी वोट से 11.64 फीसदी अधिक हैं, यानि ये वोट एकमुश्त पड़ते तो निश्चित रूप से बीजेपी का सत्ता तक पहुंचना मुश्किल हो सकता था. वहीं, 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस वक्त भी ये तीनों पार्टियां एकसाथ चुनाव लड़तीं तो बीजेपी के लिए मुश्किल हो सकती थी क्योंकि पिछली बार कांग्रेस को 36.38 फीसदी वोट मिले थे, जबकि बसपा को 6.29 फीसदी, सपा को 0.03 फीसदी और गोंगपा को 1.00 फीसदी वोट मिले थे, जो बीजेपी के कुल वोट परसेंटेज से महज 1.17 फीसदी कम हैं.

पिछले दो चुनावों के जो आंकड़े हैं, उससे साफ हो जाता है कि कांग्रेस इन दलों को साध लेती तो सत्ता का वनवास खत्म हो सकता था, जबकि कमलनाथ के अलावा पार्टी के तमाम दिग्गज इसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात जैसा ही रहा. यदि ये चारों पार्टियां एकजुट होकर मैदान में उतरतीं तो प्रदेश के बदले हुए सियासी माहौल का भी उन्हें फायदा मिलता.

लखनऊ/उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उत्तराखंड के पहले विधानसभा चुनाव 2002 में कांग्रेस को बहुमत मिलने पर पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री का ताज उनके सिर पर रख दिया। 2002 से लेकर 2007 तक उन्होंने राज्य की कमान संभाली। इस दौरान उन्हें विकास पुरुष जैसे ओहदे से भी लोगों ने नवाजा। अपने विराट व्यक्तित्व के बलबूते उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए कई कार्य किए। हालांकि इस दौरान उनकी कांग्रेस नेता हरीश रावत से पूरे कार्यकाल के दौरान ठनी रही। 

इसके कारण उन्होंने 5 मार्च, 2006 को मुख्यमंत्री की कुर्सी से इस्तीफा देने की पेशकश पार्टी आलाकमान से की और इसकी वजह ओल्ड ऐज बतायी। पर पार्टी ने उन पर विश्वास व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान प्रदेश में कांग्रेसियों को थोक में लालबत्तियां बांटकर उन्हें राज्यमंत्री स्तर का दर्जा दिए जाने के लिए भी तिवारी काफी चर्चित रहे। पर अपनी सहृदयता व विशाल व्यक्तित्व के बलबूते वे विरोधियों के लिए भी आदर्श बने रहे। भाजपा ने लाल बत्तियों के थोक में बांटने की उनकी इस कमी के बलबूते वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की।  

नाना ने उठाया पढ़ाई का खर्च

चेत राम साह ठुलघरिया (सीआरएसटी) इंटर कालेज में एनडी के प्रवेश का वाकया भी दिलचस्प है। एनडी के पिता पूर्णानंद का एनडी की मां से दूसरा विवाह था। पहली पत्नी के न रहने पर उन्हें दूसरी शादी करनी पड़ी थी। इधर एनडी को शिक्षा दिलाने में असमर्थ चल रहे पूर्णानंद की स्थिति की जानकारी पहली पत्नी के मायके वालों तक पहुंची और यह भी पता चला कि नारायण दत्त काफी होशियार व होनहार है। ऐसे में हल्द्वानी निवासी (एनडी के विमाता के पिता) नाना हरिदत्त जोशी व मामा जगन्नाथ जोशी ने नैनीताल के सीआरएसटी कालेज में एनडी को न केवल प्रवेश दिलाया बल्कि हाईस्कूल करने तक पूरा खर्च भी उठाया। आज भी इस कालेज में तिवारी को टीसी जारी करने का रजिस्टर सुरक्षित है। कालेज के अभिलेखों के अनुसार तिवारी की जन्म तिथि 18 अक्तूबर 1925 है और उन्होंने यहां से 13 सितंबर 1940 को टीसी ली थी। 20नवंबर 1951 में भी टीसी की द्वितीय प्रति उन्होंने प्राप्त की थी

कुलदीप पाठक (पूर्व जिला महामंत्री भाजपा इला०) नि० देवराने कहा

`राजनीति के कुशल खिलाड़ी तथा लोकप्रिय मुख्यमंत्री एंव विभिन्न पदों को शोभाय मानकर हर वर्ग मे अपनी स्वीकार्यता साबित करके मा० तिवारी जी ने राजनैतिक क्षेत्र मे जो कीर्तिमान स्थापित किया था उसको तोड़ पाना नामुमकिन लगता है , दो-दो प्रदेश के मुख्यमंत्री रहकर जनहित मे तमाम अच्छे कार्य किये, 93 वर्ष की अवस्था मे जीवन के सभी अनुभवों को आत्मसात करते हुए हम सबको छोड़कर चले गये। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जताया छेत्र के किसान प्रतिनिधि रमा शंकर मिश्र रविशंकर शुक्ल बलट्टर गुरु नारीबारी तथा म.प्र.कांग्रेस के सचिव कौशलेश द्विवेदी सहित लोगो ने शोक श्रद्दानजलि अर्पित किये

 


 

 

कुलदीप पाठक (पूर्व जिला महामंत्री भाजपा इला०) नि० देवराने कहा

`राजनीति के कुशल खिलाड़ी तथा लोकप्रिय मुख्यमंत्री एंव विभिन्न पदों को शोभाय मानकर हर वर्ग मे अपनी स्वीकार्यता साबित करके मा० तिवारी जी ने राजनैतिक क्षेत्र मे जो कीर्तिमान स्थापित किया था उसको तोड़ पाना नामुमकिन लगता है , दो-दो प्रदेश के मुख्यमंत्री रहकर जनहित मे तमाम अच्छे कार्य किये, 93 वर्ष की अवस्था मे जीवन के सभी अनुभवों को आत्मसात करते हुए हम सबको छोड़कर चले गये। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जताया छेत्र के किसान प्रतिनिधि रमा शंकर मिश्र रविशंकर शुक्ल बलट्टर गुरु नारीबारी तथा म.प्र.कांग्रेस के सचिव कौशलेश द्विवेदी सहित लोगो ने शोक श्रद्दानजलि अर्पित किये 

इलाहाबाद।  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कुंभ मेले को लेकर उनके खिलाफ किए जा रहे  दुष्प्रचार को कुत्सित लोगों की संकीर्ण मानसिकता की उपज बताया।

 महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि कुछ लोग व्हाट्सएप ग्रुप पर उनके पुराने बयान “अर्द्धकुंभ को कुंभ नाम देने एवं कुंभ लोगो में संगम को नहीं दर्शाने” पर नाराजगी बताने को अपडेट कर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इन बयानों का खण्डन करते हुए कहा कि यह केवल कुंभ मेले को लेकर उन्हे बदनाम करने का दुष्प्रचार भर है।

 उन्होंने कहा कि उनका यह बयान काफी पुराना है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री ने “अर्द्ध कुंभ को कुंभ” का नाम देने का पर्याय बताया था जिसके बाद परिषद के सभी संत संतुष्ट हो गये थे। उसके बाद से उन्होंने किसी प्रकार कुंभ को लेकर नकारात्मक बयान नहीं दिया। शनिवार को “मार्गदर्शक” मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के साथ सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी। सभी ने उन्हें भव्य और दिव्य कुंभ संपन्न कराने में पूरा सहयोग का वचन दिया था।

अध्यक्ष ने कहा कि कुंंभ  के लिए सब कुछ अच्छा हो रहा है, यह देख कुछ लोग ईर्ष्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ की संपन्नता के लिए अखाड़ा परिषद  हर संभव प्रयास करेगा। कुंभ विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और आध्यत्मिक मेला है। केन्द्र और प्रदेश सरकार के “दिव्य और भव्य” को साकार करने ने हम सब को योगदान देना चाहिए। देश-विदेश से आने वाले करोड़ो श्रद्धालु और पर्यटकों के मन मस्तिष्क में जीवन पर्यन्त इसकी भव्यतम दिव्य आभा साकार रहे।

 महंत ने ऐसे लोगों को अच्छी सोच के साथ शक्ति को सकारात्मक दिशा में लगाने की नसीहत दी है। भलाई की दिशा में उठाये गये कदम से मनमस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

प्रयागराज।

मा. मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उ.प्र. श्री सिद्धार्थनाथ सिंह जी अपने प्रयागराज भ्रमण के दौरान परेड ग्राउण्ड, बाघम्बरी रोड़, प्रयागराज में कुम्भ मेला 2019 के लिए 100 शैय्या केन्द्रीय सामान्य रोग चिकित्सालय का भूमि पूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर स्वच्छता मित्रों को शाल भेंट कर उन्हे सम्मानित भी किया। इस कार्यक्रम में मा. मंत्री के साथ अपर निदेशक स्वास्थ्य, मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द, डीआईजी कुम्भ श्री के.पी. सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार श्रीमती सलोनी गोयल सहित मेला एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

मा. मंत्री जी ने भूमि पूजन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम नवमी के शुभ अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सालय का भूमि पूजन किया गया है, यह बहुत ही हर्ष की बात है। उन्होंने कहा कि नगर को प्रयागराज किये जाने का अनुरोध उनके द्वारा मा. राज्यपाल उ.प्र. को किया गया था। नगर का नाम प्रयागराज किया जाना हर किसी भावना थी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में लोग आकर देखे कि यहां पर क्या परिवर्तन हो गये तथा क्या परिवर्तन हो रहे है। उन्होने कहा कि सरकार ने नगर का नाम बदलने से पहले यहां की व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया है। यहां पर कुम्भ के दृष्टिगत अनेक निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो प्रयागराज में आने वालों लोगों के लिए एक आकर्षक एवं सुखद अनुभव का केन्द्र बनेंगे।

मा. मंत्री जी ने कहा कि कुम्भ आयोजन की तैयारियों में हर विभाग अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला में स्वास्थ्य एवं सफाई-व्यवस्था का खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेला में कूडे को निस्तारण के व्यापक प्रबन्ध किये गये है, जिसमें मेला के दौरान तथा मेला के बाद भी मेला क्षेत्र में किसी प्रकार की गन्दगी नही दिखायी देगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक उपकरणों के द्वारा कूड़े को जमीन पर गिराये बिना ही उसे मेला क्षेत्र से बाहर कर दिये जाने का प्रयोग माघ मेला मे किया गया था, जो सकुशल सम्पन्न हुआ है। इन्ही प्रयोगों को अब कुम्भ मेला में लागू किया जा रहा है, जिससे मेला क्षेत्र साफ-सुथरा बना रहें। उन्होने कहा कि साफ-सफाई के इस तरह के व्यापक प्रबन्ध होने से मेले में आने वालों लोग बीमार नही पड़ेगे।

मा. मंत्री जी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मेला मे आने वालों लोगो के स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्याओ के लिए मेला क्षेत्र में ही चिकित्सालय का निर्माम किया जा रहा है, जिसका आज भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा व्यवस्था में 100 बेड का एक चिकित्सालय, 20 बेड का 11 सर्किल चिकित्सालय, 20 बेड का 2 संक्रात्मक रोग चिकित्सालय, 30 प्राथमिक उपचार केन्द्र, 15 हेल्थ पोस्ट, 250 चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती, 150 एम्बुलेंस, 04 ए.एल.एस. एम्बुलेंस, 04 रिवर एम्बुलेंस, 01 एयर एम्बुलेंस के व्यापक प्रबन्ध किये गये है। जिससे मेला में किसी प्रकार की समस्या से आसानी से निपटा जा सके। उन्होंने बताया कि इसी तरह सफाई व्यवस्था में 1,22,500 शौचालयो का निर्माण, 20,000 डस्टबिन लाइनर सहित की व्यवस्था, 40 काम्पैक्टर्स की व्यवस्था, 11000 सफाई कर्मियो, फाइबर टंकी, टिन, कनात टाइप के शौचालयों का निर्माण, 24*7 सफाई की व्यवस्था, रिवर सेनिटेशन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र को मच्छर, मक्खी विहीन बनाया जायेगा। मा. मंत्री जी कहा कि मेला में सफाई व्यवस्था के रीढ़ सफाई कर्मियों के लिए भी व्यापक प्रबन्ध किये जा रहे है। उन्होंन बताया कि सफाई कर्मियों के रहने एवं खाने पीने की व्यापक व्यवस्था कुम्भ मेला में की जा रही है। जिससे सफाई कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मा. मंत्री जी ने कहा कि कुम्भ मेला में इस प्रकार की साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य व्यवस्था इस तरह रखी जाय, जिससे आने वालों लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो। उन्होने कहा कि कुम्भ में होने वाली व्यापक  सफाई व्यवस्था को गिनीज बुक में नाम में दर्ज कराये जाने पर भी जोर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ की सफाई व्यवस्था का डाक्यूमेंट तैयार किया जाय तथा एक बेंचमार्क तैयार करे। उन्होंने कहा कि कुम्भ में स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था को उसके चरमोत्कर्ष पर ले जाया जायेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार श्रीमती सलोनी गोयल के कार्यो की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनके अथक प्रयासों से मेला क्षेत्र मे स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यो मे तेजी आ रही है।

मण्डलायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि कुम्भ मेला में स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था को व्यापक रूप से प्राथमिकता दी गयी है। उन्होने बताया कि इसी क्रम मे सफाई कर्मियों के रहने, खाने-पीने का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, इसके लिए उन्होने मेलाधिकारी बधाई भी दी। उन्होने कहा कि कुम्भ मेला विश्व का सबसे बड़ा आयोजन होता है। इसमें हम सब मिलकर अपना योगदान दे। उन्होने कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं को प्राथमकिता पर लिया जा रहा है। सफाई कर्मी अपनी समस्या मेला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से कर सकते है, उनकी समस्या का यथोचित समाधान कर दिया जायेगा।

कार्यक्रम के दौरान ही मा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जी को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा निर्मित होने वाले चिकित्सालय का स्वरूप दिखाया जायेगा, जिसमें सारी बेड, चैम्बर्स तथा अन्य कक्षों को प्रदर्शित किया गया था। मा. मंत्री जी ने स्वच्छता मित्रों को शाल एवं माला पहनाकर सम्मानित भी किया। जिसमें फूलचन्द्र, शिवराम, मोहनलाल, सुकूरू, चुनबाद, गुलाब, संगम, गंगादीप, गंगाराम, चन्द्रप्रकाश पिन्टू, महेश, शिवशम्भू, महावीर, बच्चूलाल पुत्र दुर्गा, हीरालाल, मूल्लू, अमित पुत्र लल्लू कुल 17 स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया। इसके पूर्व मे मा. मंत्री जी ने कुम्भ मेला 2019 के लिए 100 शैय्या केन्द्रीय सामान्य रोग चिकित्सालय का भूमि पूजन पूरे विधान के साथ हवन इत्यादि कर किया।

लखनऊ। राज्य सभा सदस्य अमर सिंह ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ कथित तौर पर उनकी बेटियों पर तेजाब फेंकने की धमकी देने को लेकर पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद पुलिस ने खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने कहा कि गोमती नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मैंने अपनी बेटियों पर तेजाब फेंकने की धमकी देने के मामले में आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिये गोमती नगर पुलिस थाने में प्रार्थना-पत्र दिया था।’’ सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) नेता ने एक टीवी चैनल को दिये साक्षात्कार में उनपर और उनकी 17 वर्षीय जुड़वां बेटियों को धमकी दी थी। 

 

सिंह 30 अगस्त को रामपुर गए थे और खान से कहा था कि उनकी ‘बलि’ ले लें लेकिन उनकी बेटियों को छोड़ दें। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने कहा कि सिंह के प्रार्थना-पत्र पर आजम खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 153ए, 295ए और 506 शामिल हैं। 

सिंह ने हाल ही में एप्पल कंपनी के कर्मचारी विवेक तिवारी की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह पर भी निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को नहीं संभाल सकते तो उत्तर प्रदेश के डीजीपी को इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

लखनऊः प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पीपीपी मॉडल के अंतर्गत तैयार किए गए 6 एमसीएच (मातृ एवं शिशु) विंग को नवम्बर महीने तक प्रत्येक दशा में प्रारम्भ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि मिर्ज़ापुर एवं सोनभद्र में निर्मित 100 शैय्यायुक्त एमसीएच (मातृ एवं शिशु) विंग का प्रारम्भ प्राथिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। जिसका शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री, भारत सरकार अनुप्रिया पटेल द्वारा किया जाएगा। 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 6 एमसीएच (मातृ एवं शिशु) विंग मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित किये गए हैं, उन्होंने शेष 14 में से 6 अन्य एमसीएच (मातृ एवं शिशु) विंग को आगामी दिसम्बर महीने तक प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

बता दें कि सिद्धार्थनाथ सिंह बुधवार जनपथ स्थित विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कॉरपोरेशन के तहत सभी 75 जनपदों में वेयरहाउस बनाए जा रहे हैं। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था को निर्देशित कर दिया जाए कि वेयरहाउस के निर्माण कार्य में तेज़ी लाए और निर्धारित समय के अन्दर वेयरहाउस का निर्माण कार्य पूर्ण करें। समीक्षा बैठक के दौरान सिंह ने स्वास्थ्य निदेशालय की रिवैम्पिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध कंपनी जॉन होपकिंस द्वारा दिए गए सुझावों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे एक महीने के अन्दर जॉन होपकिंस से इस सम्बन्ध में प्रेजेंटेशन प्राप्त करना सुनिश्चित करें ताकि रिवैम्पिंग के कार्य को गति दी जा सके।

सिंह ने बैठक के दौरान आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रदेश में सूचीबद्ध चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों की संख्या एवं क्लेम के भुगतान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किये जाने का प्रयास किया जाए। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन निजी चिकित्सालयों के आवेदन लंबित हैं उनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।    

(त्योंथर,रीबा) आखिरकार राहुल गांधी के त्योंथर आगवन के बाद बिंध्य छेत्र के सफेद शेर और…

नई दिल्ली। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को साधने में परिवहन विभाग नाकाम रहा है। रोडवेज कर्मचारी तो पहले ही किलोमीटर स्कीम के तहत 700 बसें चलाने को लेकर आंदोलनरत है। 

 इसके फलस्वरूप 16-17 अक्टूबर को रोडवेज का चक्का जाम होने जा रहा है। आज  रात 12 बजे के बाद दस राज्यों में रोडवेज की लगभग 4100 बसों के पहिये थम जाएंगे। हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश व चंडीगढ़ के रूटों पर बसें नहीं चलेंगी। रोडवेज की दो दिवसीय हड़ताल से प्रतिदिन लगभग साढ़े तेरह लाख यात्री प्रभावित होंगे। परिवहन विभाग को रोजाना लगभग चार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होगा। हरियाणा में परिवहन व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने की संभावना है। 

 

इस बार सभी यूनियनें हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले एकजुट हैं। सरकार समर्थित यूनियन भारतीय मजदूर संघ तटस्थ है। वैसे भी रोडवेज में इसके उतने सदस्य नहीं हैं कि अन्य 11 यूनियनों की हड़ताल को बेअसर कर सकें। सरकार और कर्मचारियों के रुख को देखते हुए साफ है कि इस बार भी टकराव तय है। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल को विफल बनाने के लिए सरकार व परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। आज शाम से डीपोओ में धारा-144 लागू कर दी जाएगी। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह का कहना है कि रोडवेज कर्मचारियों की आए दिन हड़ताल जायज नहीं है। कर्मचारियों की अनेक मांगों को माना जा चुका है। 700 बसें निजी ऑपरेटरों की चलाने से रोडवेज का निजीकरण नहीं होगा। जनता से हड़ताल के दौरान सहयोग की अपील की गई 

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