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दिल्ली से कोलकाता तक टीएमसी का प्रोटेस्ट

Written by  Published in Other State Thursday, 05 January 2017 07:36

नई दिल्ली : नोटबंदी पर केंद्र सरकार को घेरने में जुटी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद से भड़की हुई हैं. पश्चिम बंगाल में जगह-जगह बीजेपी के कार्यालयों पर हमले हुए हैं तो ये दंगल दिल्ली तक पहुंच गया है. टीएमसी का आरोप है कि केंद्र की सरकार सीबीआई की गलत इस्तेमाल कर रही है और चिटफंड केस में पार्टी के नेताओं के फंसाने में लगी हुई है.

 

 

 

बाबुल सुप्रियो के घर पर प्रदर्शन

 

सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी के विरोध में टीएमसी ने राजधानी कोलकाता सहित राज्य के विभिन्न जगहों पर विरोध रैली निकाली. इस दौरान कोलकाता में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार पर हमला किया, वहीं केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो का कोलकाता स्थित घर भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार हुआ. बाबुल सुप्रियो ने घटना पर ट्वीट करते हुए कहा कि टीएमसी गुंडों ने मेरे अपार्टमेंट के गेट को तोड़ने की कोशिश की. यहां मेरे माता-पिता रहते हैं. नारेबाजी हो रही है. ये शर्म की बात है. इस घटना के लिए उन्होंने कोलकाता पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया.

 

बीजेपी दफ्तरों पर हमले

 

इस बीच पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कई दफ्तरों पर भी हमले की खबर है. बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर भी कथित टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. इन हमलों के बाद बीजेपी कार्यालय के बाहर सीआरपीएफ को तैनात किया गया है.

 

 

 

गृह मंत्रालय ने जताई चिंता

 

रोज वैली चिटफंड घोटाले में पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता के हिंसक प्रदर्शन पर गृह मंत्रालय ने चिंता जताई है. गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इन हिंसक घटनाओं को लेकर मंत्रालय काफी गंभीर है और उसने राज्य सरकार से वहां के कानून व्यवस्था की जानकारी ली.

 

 

 

पीएम के खिलाफ नारेबाजी

 

बुधवार को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में प्रोटेस्ट रैली निकाली. टीएमसी केंद्र की मोदी सरकार पर बदले की कार्यवाही के तहत काम करने का आरोप लगा रही है. कोलकाता की सड़कों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए.

 

 

 

दिल्ली पहुंचा दंगल

 

सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी के विरोध में प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरना देने जा रहे टीएमसी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने डिटेन करके बस में डाला और तुगलक रोड थाने ले कर चली गई. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का कहना था कि मोदी को हटाना चाहिए तभी देश बचेगा.

 

 

 

सीबीआई के खिलाफ शिकायत दर्ज

 

रोजवैली चिटफंड मामले में गिरफ्तार टीएमसी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी ने सीबीआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. सीबीआई पर सुदीप बंदोपाध्याय को जान से मारने की कोशिश की शिकायत दर्ज कराई गई है. सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी ने बिधाननगर थाने में ये शिकायत दर्ज कराई है. बुधवार को सीबीआई ने पूछताछ के बाद सुदीप बंदोपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया था.

 

बदले की राजनीति का आरोप

 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे नोटबंदी के खिलाफ पार्टी के अभियान पर बदले की कार्रवाई बताया है. ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर हमला किया. यहां तक कि 2002 के गुजरात दंगों के लिए उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की. ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है और कहा है कि हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करें.

 

 

 

तपस पाल की हुई थी गिरफ्तारी

 

रोज वैली घोटाले में गिरफ्तार होने वाले सुदीप बंदोपाध्याय, सांसद तापस पाल के बाद दूसरे टीएमसी सांसद हैं. सीबीआई तापस पाल और सुदीप बंदोपाध्याय से आमने-सामने पूछताछ कर सकती है. दोनों को रोज वैली के कई जगहों पर भी ले जाने की तैयारी है.

 

 

 

क्या है रोजवैली घोटाला

 

पश्चिम बंगाल में जब अप्रैल 2013 में 2500 करोड़ का सारदा चिटफंड घोटाला सामने आया था तब इतनी बड़ी हेरी-फेरी ने सबको भौचक्का कर दिया था. इसके अलावा 3500 करोड़ रुपये के बेसिल इंटरनेशनल लिमिटेड चिटफंड घोटाले ने भी सबके होश उड़ा दिए थे. लेकिन, रोजवैली घोटाला कोई 5 या 10 हजार करोड़ का नहीं बल्कि 17,000 करोड़ रुपये का है. यह सारदा घोटाले से सात गुना ज्यादा है. कॉरपोरेट जगत से लेकर राजनेताओं की मिलीभगत से 10 राज्यों में चल रहे इस घोटाले ने लोगों को करोड़ों रुपयों का चूना लगा दिया गया. सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में कहा गया था कि कंपनी ने निवेशकों के 17 हजार करोड़ रुपये डुबो दिए. रोज वैली कंपनी ओडिशा में सक्रिय थी और यहां के लोगों के 450 करोड़ रुपये डूब गए.

 

 

 

दस राज्यों तक फैला था साम्राज्य

 

रोजवैली कंपनी पर आरोप है उसने सेबी की अनुमति के बिना 2011 से 2013 के बीच अवैध तरीके से लोगों से पैसा इकट्ठा किया. उसने लोगों को कहीं ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया था. रोजवैली घोटाले के इतने व्यापक होने की एक और वजह भी है. रोजवैली ग्रुप के चैयरमैन गौतम कुंडु का करोबार बंगाल सहित कम से कम 10 राज्यों में फैला हुआ था. इस ग्रुप ने 90 के दशक में अंतिम वर्षों में होटल कारोबार से शुरुआत की थी.

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