You are here: Homeक्राईम

Crime (21)

हिसार। हरियाणा के हिसार में सतलोक आश्रम वाले संत रामपाल पर सेशन कोर्ट ने 11 अक्टूबर फैसला सुनाते हुए हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोनों मामले में दोषी करार दिया। अदालत ने रामपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके अलावा 14 अन्‍य दोषियों को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी को हत्‍या और बंधक बनाने के मामले में सजा का ऐलान हुआ है। इससे जुड़े एक अन्‍य मामले में 17 अक्‍टूबर को भी सजा का ऐलान संभव है।

सजा के ऐलान को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इलाके में धारा 144 लगाई गई है। इसके साथ ही सभी सीमाएं सील कर दई गई हैं। खबरों की माने तो सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। 67 वर्षीय रामपाल और उसके अनुयायी नवम्बर, 2014 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थे।

बता दें कि इससे पहले, हिसार अदालत ने अगस्त 2017 में रामपाल को लोगों को बंधक बनाने, गैरकानूनी ढंग से इकट्ठा होने, लोकसेवक के आदेश की अवहेलना करने के दो मामलों में बरी कर दिया था। लेकिन अदालत आज हत्या की साजिश रचने, देशद्रोह व दंगा भडक़ाने के मामले में दोषी करार दिया था।

जानें पूरा मामला...
यह मामला 14 नवंबर साल 2014 का है। जब सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संत रामपाल को पेश होने को कहा था। लेकिन वे नहीं आए। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने सतलोक आश्रम से रामपाल को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सतलोक आश्रम में हिंसा हुई थी। हिंसा में 6 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। रामपाल पर अभी 3 केस चल रहे हैं, इसमें दो केस हत्या के और एक केस देशद्रोह का है।

इलाहाबाद/आज भारत देश के सभी प्रदेशों में जिस प्रकार से पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं उसमें कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार का लचीला पन या ये कहें कि बेवसी पन झलकती दिख रही है क्योंकि पत्रकार हमेशा से भ्रस्ट राजनेताओ और बिगड़ैल  समाजसेवकों को दर्पण दिखाने का कार्य वर्षों से करता आ रहा है और पत्रकारों के इस सक्रियता को किसी ना किसी रूप में दबंग गुंडे पुलिस की मिली भगत से पत्रकारों को डरा धमका कर उनकी आवाज को  या ये कहें कि उनपर जानलेवा हमला करके समाज के चौथे स्तंभ का दमन कर रहें हैं  ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र के मुम्बई में पत्रकार मित्र टाइम्स नाउ के जॉर्नलिस्ट हरमन पर बीती रात गांव देवी इलाके में हमला हुआ । वाराणसी  में पत्रकारों के ऊपर हमला का दौर नहीं थम रहा

 

आज फिर हुआ पत्रकार आशुतोष पाठक के ऊपर हमला

उधर बाराणसी के पत्रकार आशुतोष पाठक अपनी महावीर चौराहे के आसपास से गुजर रहे थे तभी बुलेट सवार अपने आप को दरोगा बताने वाला राकेश तिवारी बाइक थोड़ी सी टच हो गई उसी दौरान राकेश तिवारी पत्रकार के ऊपर हमला कर भद्दी भद्दी गाली देकर कहा कि मेरा कुछ कोई उखाड़ नहीं पाएगा तुमको जो करना है कर लो हम पत्रकारों को कुछ नहीं समझते पत्रकार हमारे पैर के जूते हैं जान से मारने की धमकी देते हुए पत्रकार को और भी बहुत कुछ बोला


देश मे पत्रकारो पर आये दिन हो रहा हमला राष्ट के चौथे स्तम्भ को दबाने की कोशिश है मगर असामाजिक तत्वो के खिलाफ सरकार और प्रशासन का रुख काफी निंदनीय है उक्त बाते अंतर्राज्यीय पत्र्कार संघ (isjf )के राष्टीय अध्यछ प्रमोद बाबू झ ने कही.मुम्बईऔर बाराणसी मे पत्रकारो पर हुए हमले की कटु भर्त्सना करते हुए श्री झा ने कहाकि अब जरुरत हैकि पूरे देश के पत्रकार अपनी अस्मिता बचाने के लिये जागरुक बने जिससे ऐसी कुत्सित प्रयास करने बालो को सबक सिखाया ज सके .उधर संघ के रा.संगठन मन्त्री संजय पांडेय महा सचिव जय गोपाल सिह. महाराष्ट प्रभारी रमाकांत पांडेय.यूपी अध्यछ किशन पांडेय.उपाध्यछयुवराज सिह..बिहार के उजाला जी और च्न्द्र शेखर क्रांति कारी.झारख्नड की रिया देव घरिया .शीला दीछित. सहित संघ के पदाधिकारियो ने पत्र्कारो के साथ मार पीट और बदसलूकी करने बालो पर सख्त कार्यबाही की मांग किया है जितना मैं जानता हूँ वो बेहद सुलझे हुए व्यक्ति हैं , ऐसे में पहले से पूर्वनियोजित तरीके से किया गया यह प्राण घातक हमला न सिर्फ कायराना है बल्कि पत्रकारिता और देश के चौथे स्तंभ  पर हुआ हमला है ,राज पाण्डेय महेंद्र मणि पाण्डेय  ( मुम्बई ) ने कहाकि हम सभी उनके साथ है लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी प्रारभिक चरण में पुलिस का रवैया निराशाजनक रहा  , इसलिए सभी   पत्रकारों को  इस बाबत सोचने की जरूरत है । सुधीर शुक्ला

गुरुग्राम। दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में उस समय हंगामा मच गया जब एक जज की पत्नी और बेटे को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना गुरुग्राम के सेक्टर 49 स्थित अर्काडिया मार्केट के पास हुई। बताया जा रहा है कि हमलावर शख्स एडिशनल सेशंस जज की सुरक्षा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल है, जो जज के गार्ड के तौर पर तैनात था। उसी ने जज की पत्नी और उनके बेटे को उस समय गोली मारी जब वो अपनी कार में बैठे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए आरोपी गनमैन को गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-49 में हुई वारदात गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल ने सेक्टर-49 की मार्केट में एडिशनल सेशंस जज कृष्णकांत की पत्नी और बेटे को गोली मार दी। बताया जा रहा है कि आरोपी गार्ड ही सरकारी गाड़ी से जज की पत्नी और बेटे को लेकर बाजार आया था। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जज की पत्नी और बेटे को अस्पताल लेकर गई। फिलहाल दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। एडिशनल सेशंस जज की पत्नी और बेटे को मारी गोली आर्केडिया शॉपिंग सेंटर के पास एडिशनल सेशंस जज कृष्णकांत की पत्नी और बेटे को गोली मारने की सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि घटना दोपहर करीब 3.30 बजे के आसपास हुई जब बाजार में काफी लोग मौजूद थे। गोली की आवाज सुनते ही वहां सनसनी फैल गई। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल छा गया। इस बीच पुलिस टीम ने आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया। घटना का VIDEO आया सामने पूरे मामले का वीडियो सामने आया है जिसमें नजर आ रहा है कि जज की पत्नी और बेटे को गोली मारने के बाद आरोपी गार्ड बेखौफ अंदाज में काफी देर तक वहीं घूमता रहा। इस दौरान उसने जज के बेटे को गोली मारने के बाद उसे बोरी की तरह हाथों में उठा कर गाड़ी के अंदर डालने की कोशिश की। हालांकि वो ऐसा नहीं कर सका तो उसने लड़के को सड़क पर ही फेंक दिया। गोलीबारी की घटना के बाद वारदात वाली जगह को छावनी में तब्दील कर दिया गया।,

हिसार के सतलोक आश्रम मामले में जेल में बंद बाबा रामपाल  के खिलाफ फैसला आज आना है. इसको देखते हुए हिसार और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. गुरुवार को हिसार की अदालत रामपाल के भविष्य का फैसला करने वाली है.

हिसार जिले को किले में तब्दील कर दिया गया है. लॉ एंड आर्डर की स्थिति को बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से हिसार आने वाली ट्रेनों का संचालन नहीं होगा.

बताते चलें कि लगभग चार साल से जेल में बंद रामपाल पर सोमवार को हुई फाइनल सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. मामला 14 नवंबर 2014 का है, जब हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एक मामले में रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ. इसके बाद हाईकोर्ट ने रामपाल को पेश करने के आदेश दिए और पुलिस प्रशासन ने सतलोक आश्रम से रामपाल को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया. इस दौरान 4 लोगों की मौत हुई थी.

 

इलाहाबाद :आज धर्म एवं धर्मगुरुओं का व्यवहार एवं जीवनशैली न केवल विवादास्पद बल्कि धर्म के सिद्धान्तों के विपरीत हो गयी है। नैतिक एवं चरित्रसम्पन्न समाज बनाने का नारा देकर तथाकथित धर्मगुरुओं ने अपने भौतिक एवं आर्थिक साम्राज्य के विस्तार के लिये अशांति, अपवित्रता, असंतुलन एवं अंधकार को फैलाया है। राजनीति की ओर उनकी रवानगी, उनका व्यवसायी हो जाना, उनके सैक्स स्कैंडल का उछलना, उनके द्वारा महिलाओं का शोषण किया जाना गहरी सामाजिक बहस की मांग करता है। हाल में हमारे देश में ऐसे ही अनेक धर्मगुरुओं का उभार हुआ है। उनके प्रशंसकों की संख्या अब करोड़ों में है, उनका करोड़ों-अरबों का साम्राज्य है। इन तथाकथित बाबाओं एवं धर्मगुरुओं की अंध-भक्ति और अंध-आस्था कहर बरपाती रही है और उनसे जन-जीवन आहत है। इन विडम्बनापूर्ण स्थितियों ने अनेक प्रश्न खड़े किये हैं, मुख्य प्रश्न है कि कब तक इन धर्मगुरुओं एवं बाबाओं के स्वार्थों के चलते जनजीवन गुमराह होता रहेगा? कब तक इनकी विकृतियों से राष्ट्रीय अस्मिता घायल होती रहेगी? कब तक सरकारें इनके सामने नतमस्तक बनी रहेंगी? कब तक कानून को ये अंगूठा दिखाते रहेंगे? कब तक जनता सही-गलत का विवेक खोती रहेगी? ये ऐसे प्रश्न हैं जिनका समाधान खोजे बिना इन धर्मगुरुओं एवं बाबाओं के त्रासद एवं विडम्बनापूर्ण अपराधों एवं महत्वाकांक्षाओं से मुक्ति नहीं पा सकेंगे।

कई कथित धर्मगुरुओं का व्यवसायी हो जाना तो आम बात है, लेकिन इन पर आपराधिक गतिविधियों के आरोप भी लगते रहे हैं। जमीन हड़पने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के ही नहीं, हत्या और यौन शोषण के आरोप भी उन पर लगते रहे हैं। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद ऐसे धर्मगुरुओं के पास भी लाखों लोग अंधभक्ति के साथ जाते हैं। इस तरह के लाखों अंधभक्त आज मौजूद हैं जिनसे तार्किक बहस करना लगभग असंभव है। जो धर्मगुरु अपराधों के आरोप से मुक्त हैं वे भी अपने संस्थानों के लिए तेजी से संपत्ति व भूमि जमा करने की प्रवृत्ति से मुक्त नहीं हो सके हैं। उनमें भी वैभव प्रदर्शन एवं अपनी ताकत दिखाने की होड़ लगी है। उनके आयोजन एवं संस्थाएं कानून को सरेआम नजरअंदाज करती हैं, इस संबंध में पारदर्शिता भी प्रायः उन्होंने नहीं अपनाई है। अब चूंकि ये धर्मगुरु राजनीति में असरदार भूमिका भी निभाना चाहते हैं अतः उनकी पारदर्शिता की जरूरत और बढ़ गई है।

 

न केवल सरकारें बल्कि प्रशासन भी इन धर्मगुरुओं के आभामंडल में जी रहा है और इन और इनके समर्थकों की नाराजगी से बचना चाहता है? इन मामलों में हमारे राजनीतिक नेतृत्व के नकारेपन एवं वोट की राजनीति भी उभरती हुई देखी गयी है। हमारे नेतागण किसी समुदाय विशेष का समर्थन हासिल करने के लिए उसका सहयोग लेते हैं और बदले में उसे अपना संरक्षण देते हैं। इसी के बूते ऐसे समुदायों के प्रमुख अपना प्रभाव बढ़ाते चले जाते हैं। प्रभाव ही नहीं अपना पूरा साम्राज्य बनाते जाते हैं। बात चाहे रामपाल की हो, आसाराम बापू की हो या फिर राम रहीम की- ऐसे धर्मगुरुओं की एक बड़ी जमात हमारे देश में खड़ी है। धर्म के नाम पर इस देश में ऐसा सबकुछ हो रहा है, जो गैरकानूनी होने के साथ-साथ अमानवीय एवं अनैतिक भी है।

 

इन धर्मगुरुओं के मामलों में जहां कानून-व्यवस्था की भयानक दुर्गति और सरकार की घोर नाकामी आदि के अलावा भी अनेक सवालों पर हमें सोचने को विवश करता है। यह धर्म या अध्यात्म का कौन-सा रूप विकसित हो रहा है जिसमें बेशुमार दौलत, तरह-तरह के धंधे, अपराध, प्रचार की चकाचौंध और सांगठनिक विस्तार का मेल दिखाई देता है। इसमें सब कुछ है, बस धर्म या अध्यात्म का चरित्र नहीं है। इस तरह के धार्मिक समूह अपने अनुयायियों या समर्थकों और साधनों के सहारे चुनाव को भी प्रभावित कर सकने की डींग हांकते हैं, और विडंबना यह है कि कुछ राजनीतिक उनके प्रभाव में आ भी जाते हैं। यह धर्म और राजनीति के घिनौने रूप का मेल है। फटाफटा बेसूमार दौलत एवं सत्ता का सुख भोगने की लालसा एवं तमाम अपराध करते हुए उनपर परदा डालने की मंशा को लेकर आज अनेक लोग धर्म को विकृत एवं बदनाम कर रहे हैं, स्वार्थान्ध लोगों ने धर्म का कितना भयानक दुरुपयोग किया है, राम रहीम का प्रकरण इसका ज्वलंत उदाहरण है।

 

इस बात पर जोरदार बहस की जरूरत है कि धर्मगुरुओं और राजनीति का गठबंधन देश के हितों के अनुकूल है या नहीं। दूसरा सवाल यह है कि कहीं इस गठबंधन से कुछ संवैधानिक सिद्धांतों, जैसे धर्म-निरपेक्षता का उल्लंघन होने का खतरा तो नहीं है। जब धर्मगुरु राजनीति की ओर आने की बात करते हैं, तो उनका सबसे बड़ा संदेश भ्रष्टाचार विरोध और नैतिकता का होता है। वे कहते हैं कि मौजूदा राजनीति की मुख्य समस्या भ्रष्टाचार है और वे उसे दूर करेंगे। राष्ट्र निर्माण के लिये यह बहुत अच्छा कार्य है पर क्यों न इसकी शुरूआत स्वयं धर्मगुरुओं के नाम पर ही हो रहे तरह-तरह के भ्रष्टाचार, धांधली एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों को दूर करके की जाए?

 

दुनिया को सुधारने से पहले अपने आंगन को बुहार लिया जाए, ऐसा होने पर ही इन धर्मगुरुओं की बातों पर लोगों को यकीन होगा। इस तरह की सार्थक पहल न कर प्रायः ये धर्मगुरु पूरे देश को अपनी नैतिक शक्ति के बल पर सुधारने का दावा करते हैं। वे जो कार्यक्रम लोगों के सामने रखते हैं वे अति सरलीकृत लोक-लुभावने कार्यक्रम होते हैं। करोड़ों रूपये खर्च करके वे लोगों को बड़े पैमाने पर एकत्र कर सकते हैं और ताली बजवा सकते हैं, पर ऐसे कार्यक्रमों में देश व दुनिया को बदलने की क्षमता प्रायः नगण्य ही होती है। इन बड़े-बड़े आयोजनों से कौन-सा देशहित या समाज निर्माण का कार्य होता है, कहना मुश्किल है।

 

यह कैसी धार्मिकता है, यह कैसा समाज निर्मित हो रहा है जिसमें अपराधी महिमामंडित होते हैं और निर्दोष सजा एवं तिरस्कार पाते हैं।

 

धर्म के ठेकेदारों का राष्ट्र में कैसा घिनौना नजारा निर्मित हुआ है। धर्म की आड़ में अपराध का साथ देने, दोषी को बचाने की यह मुहिम सम्पूर्ण मानवता एवं धार्मिकता पर भी एक कलंक है। यह देखा जाना भी समय की मांग है कि तथाकथित धर्मगुरु धर्म का पाठ पढ़ाते हैं या फिर अपने समर्थकों की फौज को धर्मांध बनाते हैं? धर्म एवं धर्मगुरुओं में व्याप्त विकृतियों एवं विसंगतियों से राष्ट्र को मुक्ति दिलाना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।

 

धर्मगुरुओं के उभार का कोरा नकारात्मक प्रभाव ही नहीं है, कुछ संतुलित एवं वास्तविक धर्मगुरुओं का अच्छा असर भी देखा गया है। उनके प्रयासों से बहुत से लोगों ने योग को अपनाया है, स्वास्थ्य व जड़ी-बूटियों संबंधी बहुत से अमूल्य परम्परागत ज्ञान को भी करोड़ों लोगों तक पहुंचाया गया है। नशामुक्ति की प्रेरणा एवं सकारात्मक वातावरण भी बना है, सामाजिक कुरीतियों एवं रूढ़ियों के खिलाफ भी जनजागृति का माहौल बना है, लोकतंत्र के प्रति जागरूकता के प्रयत्न भी हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य रक्षा के कुछ बुनियादी नियमों के प्रति सचेत हुए हैं। लेकिन धर्म की आड़ में जितनी बुराइयां फैल रही हैं, उसकी तुलना में यह बहुत कम है। जरूरत धर्मगुरुओं को वास्तविक धर्मगुरु बनने की है, एक संतुलित, आदर्श एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की है, पर धर्मगुरुओं की बढ़ती आकांक्षाएं, भौतिक साम्राज्य स्थापित करने एवं देश-दुनिया में अपनी यशकीर्ति बढ़ाने की अतिशयोक्तिपूर्ण इच्छाएं कई बार इस संतुलन को बिगाड़ देती हैं और लोग भ्रमित हो जाते हैं। इतना ही नहीं, कुछ धर्मगुरुओं ने अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाने के लिए चमत्कारों का सहारा भी लिया है, हालांकि छोटे-मोटे जादूगर भी यह बता देते हैं कि ये चमत्कार वास्तव में हाथ की सफाई भर होते हैं। अंधविश्वासों व अंधभक्ति का सहारा लेकर लोकप्रियता प्राप्त करना अनुचित है। जो धर्मगुरु स्वयं इस राह को नहीं अपनाते हैं, वे भी अपने साथी धर्मगुरुओं के इस तरह के पाखंडों का पर्दाफाश करने का प्रयास नहीं करते। इन धर्मगुरुओं के बढ़ते पाखंड एवं आपराधिक गतिविधियों को समय रहते नहीं रोका गया तो यह ऐसा अंधेरा फैलायेगा, जिसमें बहुत कुछ स्वाहा हो जाना है

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है। सूत्रों का कहना है कि अन्य बैंकों के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। जिन बैंकों की विदेशी शाखाओं से PNB के धोखाधड़ी वाले साख पत्रों (LOU) के जरिये कर्ज दिया गया उनके अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गये हैं।

 इन 5 बैंक अधिकारियों की होगी जांच

सूत्रों ने कहा कि अन्य भारतीय बैंकों में इलाहाबाद बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), यूनियन बैंक, यूको बैंक और एक्सिस बैंक की हांगकांग शाखाओं के अधिकारी इस पूरे घोटाले में शामिल हैं। यह घोटाला पिछले सात साल से चल रहा था। सूत्रों ने बताया कि दिशानिर्देशों के अनुसार रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के LOU को भुनाने की समयसीमा 90 दिन है, 365 दिन नहीं, जैसा कि PNB घोटाले से जुड़े ज्यादातर LOU में दिखाया गया है।

नियमों का नहीं हुआ पालन

सूत्रों ने कहा कि आम परंपरा से अलग हटकर जारी LOU के मद्देनजर हांगकांग में अन्य बैंकों की शाखाओं के अधिकारियों को सचेत होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह मामला तभी सामने आया जबकि PNB ने पिछले महीने उसकी मुंबई की ब्रैडी हाउस शाखा की ओर से जारी LOU को मानने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि यदि किसी ने सतर्कता दिखाई होती तो घोटाले की राशि इतनी अधिक नहीं पहुंचती।

हांगकांग में 11 भारतीय बैंकों का परिचालन

हांगकांग में 11 भारतीय बैंकों का परिचालन हैं। वहां इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया (UBI), एक्सिस बैंक, SBI, बैंक आफ इंडिया (BOI), बैंक आफ बड़ौदा (BOB), केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं हैं। इनमें से SBI ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उसने PNB घोटाले में शामिल नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों को 21.2 करोड़ डॉलर का ऋण दिया है। इसी तरह UBI ने 30 करोड़ डॉलर और यूको बैंक ने 41.18 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया है। समझा जाता है कि इलाहाबाद बैंक का इस मामले में करीब 2,000 करोड़ रुपये फंसा है। पिछले सप्ताह PNB ने कहा है कि वह उसकी शाखा की ओर से जारी सभी एलओयू का भुगतान करेगा। हालांकि, इस मामले में उसकी पूरी देनदारी कितनी बनती है यह जांच के बाद ही पता चलेगा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे एनकाउंटर को लेकर सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन प्रदेश की जेलों में बैठे अपराधियों के सरगना पुलिस की इस कार्रवाई की धार को कुंद करते दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश की जेलों से चल रही रंगदारी वसूली, सुपारी किलिंग का धंधा 'एनकाउंटर सरकार' के दावों की पोल खोल रहे हैं।जेलों से रंगदारी वसूली और सुपारी किलिंग की घटनाओं की साजिशें रची जा रही हैं। यूपी एसटीएफ ने फैजाबाद में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने आए 2 शूटरों को दबोचा है। मुन्ना बजरंगी के इशारे पर माफिया अजय सिपाही के गुर्गे फैजाबाद में जिला पंचायत सदस्य के प्रॉपर्टी डीलर पति की हत्या करने आए थे। फैजाबाद में हत्या के बाद इलाहाबाद में भी एक व्यापारी इन शूटरों के निशाने पर था। यूपी एसटीएफ ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर प्रदेश के 2 जिलों की बड़ी वारदातों को रोक लिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार लाख दावे करें कि माफिया और अपराधियों पर नकेल कसी गई है, लेकिन जेलों के अंदर से अपराध और अपराधियों का नेटवर्क लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। साजिश रची झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी के इशारे पर अंबेडकरनगर का माफिया ब्लाक प्रमुख अजय सिपाही अपने गुर्गों से फैजाबाद और इलाहाबाद को दहलाने वाला था। यूपी एसटीएफ ने फैजाबाद में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने आए मुन्ना बजरंगी गैंग से जुड़े 2 शूटरों को दबोचा है। 

मुन्ना बजरंगी के इशारे पर अजय सिपाही ने फैजाबाद के जिला पंचायत सदस्य के पति व प्रापर्टी डीलर रामचंद्र की हत्या साजिश रच दी थी। जिसके लिये अजय सिपाही ने अपने दो शूटरों अभिनव प्रताप सिंह उर्फ बडू और धनेश यादव को असलहों के साथ भेजा था। दोनों बदमाशों के पास से एसटीएफ को एक पिस्टल, एक देसी तमंचा बरामद हुआ है।
 

कहा जा रहा है कि प्रापर्टी डीलर के हत्या की सुपारी लेकर दोनों शूटर फैजाबाद के कोतवाली क्षेत्र में स्वयंवर लॉन में रुके थे, जहां से मौका मिलते ही वो रामचन्द्र को मौत के घाट उतार देते। इतना ही नहीं फैजाबाद में हत्या के बाद ये दोनों इलाहाबाद में भी एक व्यापारी की हत्या की फिराक में थे।

एसटीएफ का कहना है कि फैजाबाद में प्रापर्टी डीलिंग करने वाले रामचन्द्र से मुन्ना बजरंगी ने अजय सिपाही के जरिये रंगदारी मांगी थी। रंगदारी की रकम नकद नहीं मिलने पर कीमती जमीन में हिस्सा मांगा जाने लगा। रामचन्दर ने रंगदारी से मना
किया तो अजय सिपाही ने इस सुपारी किलिंग की साजिश रच डाली।

  • खाकी से सफेदपोश हो गया माफिया अजय सिपाही
    कभी कानून की सेवा में खाकी पहनने वाला अजय प्रताप उर्फ अजय सिपाही आज पूर्वांचल के अपराध जगत का बड़ा नाम है। साल 2008 में लखनऊ में तैनाती के दौरान डबल मर्डर में अजय प्रताप उर्फ अजय सिपाही का नाम आया। पुलिस की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया तो अजय प्रताप माफिया अजय सिपाही बन गया।
     
    राजनीति में आकर भी अपराध से नहीं छूटा नाता
    यह अजय सिपाही का खौफ ही था कि उसने महज एक दशक के अंदर ही अपराधी से सफेदपोश का चोला पहन लिया और आज अंबेडरकरनगर से ब्लाक प्रमुख है। राजनीति में आने के बाद भी अजय सिपाही ने अपराध से नाता नहीं तोड़ा। अजय सिपाही मुन्ना बजरंगी से लेकर माफिया अभय सिंह व पूर्व विधायक सोनू सिंह का करीबी है। अंबेडरनगर से लेकर सुल्तानपुर, फैजाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, इलाहाबाद में तक अजय सिपाही का नाम तमाम हत्या और रंगदारी वसूली में सामने आ चुका है।

    झांसी से लेकर गाजीपुर जेल तक फैला है मुन्ना का कारोबार
    यूपी एसटीएफ ने फैजाबाद में प्रापर्टी डीलर की हत्या की वारदात को रोक लिया, लेकिन इस कार्रवाई ने एक और अहम खुलासा किया। एसटीएफ ने बताया कि जेलों के अंदर से माफियाराज चल रहा है। मुन्ना बजरंगी, जिसके इशारे पर ये सुपारी किलिंग होनी थी वह झांसी जेल में बंद है। 

    माफिया अजय सिपाही ने जिस रिंकू सिंह के इशारे पर इस घटना को अंजाम देने का बीड़ा उठाया था वो मुन्ना बजरंगी का बेहद करीबी शार्प शूटर है और गाजीपुर जेल में बंद है। वहीं जिस शूटर को अभिनव प्रताप सिंह को एसटीएफ ने दबोचा है वो खुद बिहार में डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में शामिल वाराणसी जेल में बंद शूटर अमन सिंह का साथी है। 

    यूपी एसटीएफ ने इन शूटरों को गिरफ्तार कर दो वारदातों को जरूर रोक लिया, लेकिन ये साफ हो गया कि इस सुपारी किलिंग में इशारा झांसी जेल से हुआ, प्लानिंग गाजीपुर जेल में हुई, अंजाम वाराणसी जेल में बंद शूटर का साथी देने वाला था। फिलहाल एसटीएफ ने अब इस अजय सिपाही के क्राइम नेटवर्क पर निगाह गड़ा दी है और जल्द ही अब इस गैंग के कुछ और बड़े अपराधियों को दबोचा जायेगा।

    पाने के लिए शोषण करवाने को तैयार रहते हैं कई एक्टर्स: एकता कपूर

एकता का कहना था कि अगर प्रोड्यूसर्स अपनी पावर का इस्तेमाल शोषण करने में करते हैं, तो कलाकार भी कई बार काम और मौका पाने के लिए अपना शोषण करवाने के लिए तैयार रहते हैं.

नई दिल्ली: #MeToo कैंपेन के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो यौन शोषण के विरुद्ध एक अभियान था। इसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अब ऐसा ही एक कैंपेन फिर शुरू हुआ है जिसमें हज और अन्य धार्मिक स्थानों पर जाने वाली महिलाएं अपनी आपबीती बता रही हैं। सोशल मीडिया पर यह अभियान #MosqueMeToo नाम से चल रहा है और महिलाएं यौन शोषण से जुड़े अपने अनुभवों को ज़ाहिर कर रही हैं।

महिलाओं के साथ मस्जिदों में हुई यौन उत्पीड़न को उजागर करने वाले इस कैंपेन की शुरुआत पत्रकार और लेखिका मोना एल्ताहवी ने अपने साथ हज यात्रा के समय हुई यौन उत्पीड़न की घटना के बाद की थी। मोना एल्ताहवी के द्वारा इस घटना को उजागर करने के बाद उनके पास लोगों के मैसेज आने लगे। एक अंग्रेजी वेबसाइट से बात करते हुए मोना कहती हैं कि मेरी कहानी पढ़ने के बाद एक मुस्लिम महिला ने अपनी मां के साथ हज यात्रा के समय हुई यौन उत्पीड़न की घटना को विस्तृत रूप से लिखकर मुझे मेल किया था।

इसके बाद दुनिया भर से मुस्लिम पुरुष और महिलाएं इस हैशटैग का इस्तेमाल करने लगे और 24 घंटे के अंदर यह 2000 बार ट्वीट हो गया। यह फारसी ट्विटर पर टॉप 10 ट्रेंड में आ गया। ट्विटर पर अपना अनुभव शेयर करने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें भीड़ में ग़लत तरीके से छुआ गया और पकड़ने की कोशिश की गई।

मस्जिदों में महिलाओं के साथ हुए घटनाओं को उजागर करने वाले इस कैंपेन के लिए ट्विटर पर @reallyHibbs हैंडल से लिखा गया कि जब मैं जामा मस्जिद में गई तो एक व्यक्ति ने मेरी छाती पर हाथ मारने का प्रयास किया था। उस समय उन्होंने इस संबंध में किसी से भी बात नहीं की थी क्योंकि लोगों को उस समय लगता कि मैं इस्लामोफोबिया का समर्थन कर रही हूं। वहीं @djenanggulo हैंडल के साथ एक महिला ने लिखा कि सऊदी अरब में स्थित मस्जिद नवाबी से कुछ फीट की दूरी पर ही एक व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचने का प्रयास किया था।

@NewtmasGrape हैंडल के किसी ने लिखा कि जब वह मात्र 10 साल की उम्र में थीं तब एख मस्जिद में एक व्यक्ति ने पीछे से उनके अंगों को बुरी तरह से दबोचा था। एक यूजर एंग्गी लेगोरियो ने ट्विट किया, "मैंने #MosqueMeToo के बारे में पढ़ा। इसने हज 2010 के दौरान की भयानक यादें फिर से मेरे ज़हन में आ गईं। लोग सोचते हैं कि मक्का मुस्लिमों के लिए एक पवित्र जगह इसलिए वहां कोई कुछ ग़लत नहीं करेगा। यह पूरी तरह ग़लत है।" एक अनुमान के मुताबिक करीब 20 लाख मुसलमान हर साल हज के लिए जाते हैं। इससे पवित्र माने जाने वाले मक्का शहर में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो जाती है।

नई दिल्ली ,हमेशा चमक और चकाचौंध के बीच रहने वाले नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11.3 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के घोटाले के केंद्र में बताए जा रहे हैं. भारतीय बैंकिंग सिस्‍टम को हिलाकर रख देने वाले इस घोटाले के आरोपी 48 वर्षीय मोदी की ज़िंदगी डायमंड की तरह चमकदार है. वह डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. मोदी खुद एक ग्‍लोबल ब्रांड हैं और तमाम भारतीय रईसों के वे करीब माने जाते हैं. यही वजह है कि जब पीएनबी के 1.8 अरब डॉलर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ और लोगों को जानकारी मिली तो अधिकांश रईसों ने उनके बारे में बोलने से या तो इंकार कर दिया और जिन लोगों ने कुछ बोला भी, उनका आग्रह अपना नाम जाहिर नहीं करने का थाअमेरिका के मशहूर वार्टन स्कूल के ड्रॉप आउट मोदी के नाम से उनका ज्वैलरी ब्रांड इतना मशहूर है कि उसके दम पर वे फोर्ब्स के भारतीय धनकुबेरों की 2017 की लिस्‍ट में 84वें नंबर पर पहुंच गए थे. वे 1.73 अरब डॉलर यानी लगभग 110 अरब रुपये के मालिक हैं और उनकी कंपनी का राजस्व 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 149 अरब रुपये हैहालांकि खबर यह भी है कि डायमंड बिजनेस के लिए मशहूर अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के मोदी कभी ज्वैलरी डिजाइनर नहीं बनना चाहते थे. अलबत्‍ता, डायमंड से अधिक उनका मन संगीत में लगता था. हालांकि एक दोस्त के कहने पर उन्होंने पहली ज्वैलरी डिजाइन की और फिर वे उसी के होकर रह गए. अपने उस दोस्त के कहने पर मोदी ने जो पहली इयरिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में वे कई शहरों में भटके. उनकी यह खोज आखिरकार रूस की राजधानी मॉस्को में पूरी हुई. यहीं से उनके डिजाइनर बनने की दिलचस्‍प कहानी शुरू हुई, जिसने उन्‍हें वह शोहरत दिलाई, जिसकी ख्‍वाहिश हर किसी को रहती है. आज वे उस एकमात्र भारतीय ज्वैलरी ब्रांड के मालिक हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहता है. मोदी के डिजाइन किए गए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देसी धनकुबेरों की पत्नियों की शोभा बढ़ाते हैं. उनके द्वारा डिजाइन किया गया गोलकोंडा नेकलेस की 2010 में नीलामी हुई. यह 16.29 करोड़ में बिका था. इसी तरह 2014 में एक नेकलेस 50 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था.

 

मुंबई (25 जनवरी): 70 साल की एक महिला को हाउस टैक्स न चुकाना उस वक्त महंगा पड़ गया जब नगर निगम के कर्चारियों ने उसे घर में ही सील कर दिया। पूरा मामला मुंबई के विरार इलाके का है। यहां नगर निगम का एक फ्लैट पर 7675 रुपये के हाउस टैक्स बाकी था। इस टैक्स की वसूली के लिए वसई-विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के दो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर पहुंचे और उन्होंने गेट को बाहर से सील कर दिया।

 

बाद में जब पड़ोसियों ने आपत्ति दर्ज कराई तब तक म्युनिसिपल के कर्मचारियों ने इसका सील खोला। दरअसल महिला अपने बेटी और दामद के घर आई हुई थी। और घटना के वक्त उसके बेटी-दमामा काम पर गए हुए थे।

फोटो गैलरी

Market Data

एडिटर ओपेनियन

IPL की साख पर सवाल गलत: श्रीनिवासन

IPL की साख पर स...

नई दिल्ली।। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड...

अरुणाचल की तीरंदाजों को चीन ने दिया नत्थी वीजा!

अरुणाचल की तीरं...

नई दिल्ली।। अरुणाचल प्रदेश की दो नाबालिग...

Video of the Day

Right Advt

Contact Us

  • Address: Pramod Babu Jha C/O Yuvraj Singh, D32/A, Gangotree Nagar, Dandi Naini, Allahabad, 212103
  • Tel: +(011) 9452377524, 8707786570
  • Email:  This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
  • Website: http://www.smartindianews.in

About Us

Smart India News is one of the renowned Hindi Magazine in print and web media. It has earned appreciation from various eminent media personalities and readers. ‘Smart India News’ is founded by Mr Pramod Babu Jha.